
मैसूर। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को मैसूर के कुवेम्पुनगर स्थित अपने नवनिर्मित घर का औपचारिक रूप से गृह प्रवेश किया। विश्वमानव डबल रोड के पास बने इस आवास में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ गृह प्रवेश समारोह संपन्न हुआ। आयोजन को पूरी तरह निजी रखा गया और इसमें परिवार के सदस्यों तथा कुछ करीबी मित्रों के अलावा किसी राजनीतिक नेता या आमंत्रित जनसमूह को शामिल नहीं किया गया।
सिद्धारमैया के करीबी सूत्रों के अनुसार नए घर में रविवार रात से ही पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए थे। सभी रस्में बिना किसी दिखावे और सार्वजनिक कार्यक्रम के सादगी के साथ पूरी की गईं। सोमवार सुबह सिद्धारमैया और उनकी पत्नी पार्वती की उपस्थिति में पूर्णाहुति तथा गृह प्रवेश की प्रमुख रस्में संपन्न हुईं।
आयोजन में गणपति होम और वास्तु होम सहित कई पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए गए। पूजा के दौरान परिवार के सदस्यों ने नए घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। धार्मिक विधियां पुरोहितों की मौजूदगी में संपन्न कराई गईं। इस अवसर पर सिद्धारमैया और उनकी पत्नी ने पूजा में हिस्सा लेते हुए विधि-विधान से आहुति दी।
रविवार रात से शुरू हुईं धार्मिक रस्में
सूत्रों ने बताया कि गृह प्रवेश से जुड़ी पूजा रविवार रात से ही प्रारंभ हो गई थी। सबसे पहले घर के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक विधियां पूरी की गईं। इसके बाद गणपति होम और वास्तु होम का आयोजन किया गया। मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसी परंपरा के तहत गणपति होम के साथ अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।
वास्तु होम के माध्यम से नए भवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की गई। सोमवार सुबह सभी प्रमुख पूजा-विधियों के बाद पूर्णाहुति हुई। सिद्धारमैया और पार्वती ने नए घर में प्रवेश की पारंपरिक रस्म पूरी की। समारोह के दौरान परिवार के सदस्य और कुछ करीबी मित्र ही मौजूद रहे।
गृह प्रवेश कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। आयोजन स्थल पर समर्थकों की भीड़ या राजनीतिक नेताओं का जमावड़ा भी दिखाई नहीं दिया। परिवार ने इस समारोह को व्यक्तिगत और धार्मिक आयोजन तक सीमित रखा।
किसी राजनीतिक हस्ती को नहीं बुलाया
सूत्रों के अनुसार गृह प्रवेश में किसी मंत्री, विधायक, सांसद या दूसरे राजनीतिक नेता को निमंत्रण नहीं दिया गया था। सिद्धारमैया के लंबे राजनीतिक जीवन और व्यापक समर्थक आधार को देखते हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना थी, लेकिन परिवार ने इसे बेहद सीमित रखने का निर्णय लिया।
सामान्य तौर पर बड़े राजनीतिक नेताओं के निजी कार्यक्रमों में भी समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ देखने को मिलती है। इसके विपरीत सिद्धारमैया के नए घर का गृह प्रवेश बिना किसी सार्वजनिक समारोह के किया गया। आयोजन में न तो राजनीतिक भाषण हुआ और न ही किसी प्रकार का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला।
घर के आसपास भी कार्यक्रम को लेकर बड़े स्तर पर सजावट या प्रचार नहीं किया गया। पूजा की सभी रस्मों को पारिवारिक वातावरण में संपन्न कराया गया। सिद्धारमैया ने भी इस मौके पर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम या मीडिया संवाद नहीं रखा।
मैसूर दौरे की नहीं दी गई थी जानकारी
बताया गया है कि सिद्धारमैया का मैसूर दौरा भी सार्वजनिक कार्यक्रमों की सूची में शामिल नहीं था। करीबी सूत्रों का दावा है कि उनकी यात्रा और गृह प्रवेश के संबंध में पहले से किसी को जानकारी नहीं दी गई थी। यह सावधानी इसलिए बरती गई ताकि कार्यक्रम को निजी रखा जा सके और आयोजन स्थल पर अनावश्यक भीड़ न जुटे।
हालांकि “गुप्त दौरे” और सीमित आमंत्रण से संबंधित जानकारी सूत्रों पर आधारित है। इस बारे में सिद्धारमैया या उनके परिवार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। उनके नए घर में सादगी से गृह प्रवेश किए जाने की खबर स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में भी प्रकाशित हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया
कुवेम्पुनगर में बना नया आवास
सिद्धारमैया का नया घर मैसूर के प्रमुख आवासीय क्षेत्र कुवेम्पुनगर में विश्वमानव डबल रोड के पास स्थित है। यह क्षेत्र शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में माना जाता है। नए आवास का निर्माण पिछले कुछ समय से चल रहा था और सिद्धारमैया इससे पहले भी निर्माण कार्य का निरीक्षण करने यहां पहुंचे थे।
मैसूर से सिद्धारमैया का पुराना और गहरा राजनीतिक संबंध रहा है। उनका राजनीतिक सफर इसी क्षेत्र से आगे बढ़ा और उन्होंने लंबे समय तक मैसूर तथा आसपास के इलाकों में सक्रिय राजनीति की। इसी कारण उनके नए आवास को लेकर स्थानीय समर्थकों में उत्सुकता बनी हुई थी।
गृह प्रवेश कार्यक्रम में समर्थकों को आमंत्रित नहीं किए जाने के बावजूद जैसे-जैसे इसकी जानकारी सामने आई, स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि परिवार की ओर से इसे केवल निजी धार्मिक आयोजन के रूप में रखा गया।
सादगी ने खींचा ध्यान
सिद्धारमैया का गृह प्रवेश समारोह अपने सीमित स्वरूप और सादगी के कारण चर्चा में है। कार्यक्रम में केवल परिवार के सदस्यों और बेहद करीबी लोगों को शामिल किया गया। राजनीतिक नेताओं से दूरी रखते हुए सभी रस्में निजी तौर पर पूरी की गईं।
सोमवार सुबह पूर्णाहुति के बाद सिद्धारमैया और उनकी पत्नी पार्वती ने घर में प्रवेश किया। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ। कार्यक्रम की तस्वीरों या अतिथियों की विस्तृत सूची के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
नए घर का गृह प्रवेश ऐसे समय में हुआ जब सिद्धारमैया कर्नाटक की राजनीति के प्रमुख चेहरों में बने हुए हैं। इसके बावजूद आयोजन में राजनीतिक रंग से बचने का प्रयास स्पष्ट दिखाई दिया। पारिवारिक पूजा, गणपति होम और वास्तु होम के साथ संपन्न हुआ यह कार्यक्रम पूरी तरह निजी रहा।





